उन्होंने कहा कि सद्दाम सरकार भी ईरान के खिलाफ युद्ध के दौरान हमारे शहरों पर बमबारी करती, रासायनिक हथियारों से हमें निशाना बनाती और फिर शांति और वार्ता की बात भी करती थी।
जनरल बाक़ेरी ने कहा कि आज, ईरान को ट्रम्प नाम के एक नये सद्दाम का सामना है जो अधिक जटिल शैली में धूर्तता कर रहा और धोखा दे रहा है और चूंकि ट्रम्प में शक्तिशाली ईरान से युद्ध करने का साहस नहीं है इसी लिए सारा बल वार्ता पर दे रहे हैं कि जिसका परिणाम ईरान की हार के रूप में सामने आएगा इसी लिए ईरान ने प्रतिरोध व संघर्ष का मार्ग अपनाया है और उस पर डटा रहेगा।
जनरल बाकेरी ने कहा कि अमरीका और उसके पिछलग्गू फार्स की खाड़ी में हालिया घटनाओं का आरोप ईरान पर लगा रहे हैं लेकिन उन्हें इस सच्चाई को समझना चाहिए कि इस्लामी गणतंत्र ईरान अगर फार्स की खाड़ी से तेल के निर्यात को रोकना चाहिए तो अपनी शक्तिशाली सेना के बल पर निर्यात को पूरी तरह से रोक लेगा और यह काम डंके की चोट पर करेगा और आतंकवादी अमरीकी की भांति धूर्तता और झूठ से काम नहीं लेगा।
ईरानी सेनाध्यक्ष ने कहा कि हम दुश्मन पर पूरी तरह से नज़र रखे हैं और ज़रूरत पड़ने पर खुल का और पूरी शक्ति के साथ अपनी रक्षा करेंगे और इस संदर्भ में कोई छुपी कार्यवाही या झूठ नहीं होगा।